अंतर्राज्यीय ठग गिरोह का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, नेताओं को टिकट दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी

रिपोर्टर: सचिन कुमार

देहरादून पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतर्राज्यीय ठग गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी का निजी सचिव बताकर नेताओं और जनप्रतिनिधियों को झांसा देता था और उनसे भारी रकम ऐंठता था। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से कई राज्यों में सक्रिय था।

25 लाख की ठगी का खुलासा

थाना राजपुर में 3 मई को भावना पांडे ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि कनिष्क सिंह नाम के व्यक्ति ने खुद को राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी के वरिष्ठ नेता का निजी सचिव बताया और उत्तराखंड में सर्वे कराने व पार्टी में अहम पद दिलाने का लालच दिया।

आरोपी ने 25 लाख रुपये की मांग की और 13 अप्रैल को अपने एक साथी को राजपुर रोड स्थित उनके आवास पर भेजकर नकद रकम ले ली। बाद में शक होने पर पीड़िता ने पुलिस से संपर्क किया।

जाखन में बिछाया जाल, आरोपी गिरफ्तार

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर विशेष टीमों का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी जाखन स्थित पैसिफिक मॉल में एक अन्य नेता से पैसे लेने आने वाला है।

इस इनपुट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अमृतसर (पंजाब) निवासी कनिष्क उर्फ गौरव कुमार को मौके से गिरफ्तार कर लिया।

देशभर में फैला था ठगी का नेटवर्क

पूछताछ में आरोपी ने कई बड़े खुलासे किए हैं—

  • 2017 में जयपुर (राजस्थान) में दो नेताओं से विधायक टिकट दिलाने के नाम पर ₹1.90 करोड़ और ₹12 लाख की ठगी
  • 2025 में पटना (बिहार) में एक नेता से पार्टी में पद दिलाने के नाम पर ₹3 लाख की वसूली
  • अन्य राज्यों में भी राजनीतिक संपर्कों का झांसा देकर कई लोगों से मोटी रकम ऐंठी

पुलिस का कहना है कि आरोपी बेहद शातिर है और बड़े नेताओं के नाम का इस्तेमाल कर लोगों का भरोसा जीतता था।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का बयान

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए SIT का गठन होना चाहिए। उन्होंने बताया कि उनके पास भी ऐसे संदिग्ध कॉल आए थे, लेकिन उन्होंने उन पर ध्यान नहीं दिया।

उन्होंने नेताओं और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि ऐसे ठगों से सावधान रहें और किसी भी तरह के लालच में न आएं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि पार्टी में कोई अन्य योग्य नेता है, तो उसे जिम्मेदारी दी जा सकती है।

जांच जारी, गिरोह के अन्य सदस्य फरार

देहरादून पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। विभिन्न राज्यों से आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड मंगाए जा रहे हैं और पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।


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