देहरादून में भारी बारिश के बीच ग्राउंड जीरो पर डटे रहे डीएम डॉ. आशीष चौहान, संवेदनशील क्षेत्रों का किया निरीक्षण

देहरादून: जनपद में सोमवार रात से जारी भारी बारिश के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्वयं सुबह से ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर वर्षा प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने राहत एवं पुनर्बहाली कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई और जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने नंदा चौकी, सौड़ा-सरौली मार्ग, मालदेवता, बल्दी नदी (सहस्त्रधारा), आईटी पार्क-सहस्त्रधारा रोड और मसूरी रोड स्थित पानीवाला बैंड सहित कई संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश से प्रभावित सभी सड़कों और संपर्क मार्गों को जल्द से जल्द यातायात के लिए बहाल किया जाए, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

नंदा चौकी के पास पुल की अप्रोच लेन क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी मौके पर पहुंचे और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को तीन घंटे के भीतर मरम्मत कार्य शुरू कर यातायात बहाल करने के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई के भी निर्देश दिए। प्रशासन के निर्देशों के बाद पुल की क्षतिग्रस्त लेन की मरम्मत का कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया।

इसके बाद डीएम ने सौड़ा-सरौली मार्ग का निरीक्षण किया, जहां बारिश के कारण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बनी सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी। उन्होंने सड़क को शीघ्र खोलने के निर्देश दिए। वहीं मलबा आने से बंद हुए थानों मार्ग को भी प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से दोबारा यातायात के लिए खोल दिया गया। मालदेवता क्षेत्र में हर वर्ष बरसात के दौरान रपटे पर आने वाली समस्या के स्थायी समाधान के लिए उन्होंने लोक निर्माण विभाग को पुल निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए।

मसूरी रोड स्थित पानीवाला बैंड के नए लैंडस्लाइड जोन का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को 15 दिनों के भीतर सड़क पर दो लेन यातायात बहाल करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित समय में दो लेन का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जबकि सुरक्षा के लिए मजबूत पुश्ता निर्माण का कार्य लगभग दो माह में पूरा किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान डीएम डॉ. आशीष चौहान ने सभी उप जिलाधिकारियों, आईआरएस प्रणाली से जुड़े विभागों और संबंधित अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान आमजन की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपदा या मार्ग अवरोध की सूचना मिलते ही राहत एवं पुनर्बहाली कार्य तत्काल शुरू किए जाएं।

निरीक्षण के दौरान रायपुर क्षेत्र में स्थानीय विधायक उमेश शर्मा काऊ, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा, तहसीलदार सदर सुरेन्द्र देव, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता भृगुनाथ द्विवेदी तथा मसूरी क्षेत्र में संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, प्रांतीय खंड के अधिकारी प्रदीप शाही सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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