देहरादून: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ अपना अभियान और तेज कर दिया है। सोमवार को प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने देहरादून और ऋषिकेश में दो अवैध निर्माणों को सील करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि बिना स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमति के किए गए निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। एमडीडीए ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
एमडीडीए की टीम ने सबसे पहले लेखक गांव-थानों मार्ग, देहरादून में नरेश शर्मा द्वारा किए जा रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि निर्माण कार्य बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के किया जा रहा था। इसके बाद टीम ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए निर्माण को सील कर दिया। इसी क्रम में भरत विहार, ऋषिकेश में भी बिना अनुमति किए जा रहे एक अन्य निर्माण को सील किया गया।
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि अवैध निर्माण न केवल भवन निर्माण नियमों और मास्टर प्लान का उल्लंघन करते हैं, बल्कि भविष्य में यातायात, सुरक्षा और शहरी विकास व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। इसी वजह से एमडीडीए लगातार क्षेत्र का निरीक्षण कर ऐसे निर्माणों की पहचान कर रहा है और नियमों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित कर रहा है।
कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता विक्रम सिंह, जयदीप, मनीष नौटियाल (सुपरवाइजर) तथा पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी सीलिंग की कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई गई।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी भवन निर्माण की शुरुआत से पहले सभी आवश्यक स्वीकृतियां और स्वीकृत मानचित्र अवश्य प्राप्त करें, ताकि कानूनी कार्रवाई और आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।
वहीं, एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्रवर्तन टीम नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण कर रही है। जहां भी नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां सीलिंग सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से भवन निर्माण से जुड़े सभी नियमों का पालन करने और अधिकृत अनुमति मिलने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू करने की अपील की।














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