देहरादून: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक जागरूकता एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत मई 2026 की पेंशन राशि वन क्लिक प्रणाली के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की।
कार्यक्रम के दौरान कुल 9 लाख 74 हजार 338 लाभार्थियों को 176 करोड़ 59 लाख 24 हजार रुपये की पेंशन राशि का भुगतान किया गया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर नशा मुक्ति अभियान और वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान एवं देखभाल की शपथ भी दिलाई।
सामाजिक न्याय और जनकल्याण सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह कार्यशाला सामाजिक कल्याण योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य सभी पात्र नागरिकों को बिना किसी भेदभाव और देरी के योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है।
उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना और मुफ्त राशन योजना ने देश के करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है।
महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों के लिए योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक न्याय को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
- अंत्योदय परिवारों को प्रतिवर्ष तीन मुफ्त गैस सिलेंडर
- दिव्यांग कार्मिकों के वाहन भत्ते में वृद्धि
- ‘लखपति दीदी योजना’ और कौशल विकास कार्यक्रमों से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास
- ‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना’, ‘पलायन रोकथाम योजना’, ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ और ‘अपणि सरकार पोर्टल’ के माध्यम से ग्रामीण विकास को गति
राज्य की विकास उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले चार वर्षों में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
- जीएसडीपी में 7.23% की वृद्धि
- प्रति व्यक्ति आय में 41% की वृद्धि
- बेरोजगारी दर में 4.4% की कमी (राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन)
उन्होंने कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य (SDG) सूचकांक में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य ‘अचीवर्स’ और स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ श्रेणी में शामिल है।
कानून व्यवस्था और पारदर्शी भर्ती प्रणाली
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में सख्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा विरोधी कानून लागू किए गए हैं। अब तक 11 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है।
नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।
विकास के लिए चार सूत्रीय रणनीति
मुख्यमंत्री ने प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चार प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया—
- योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार
- सरकारी प्रक्रियाओं का सरलीकरण
- तकनीक का अधिकतम उपयोग
- नियमित मॉनिटरिंग और जवाबदेही सुनिश्चित करना
उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे नियमित रूप से क्षेत्रों का भ्रमण कर योजनाओं की जमीनी निगरानी करें।
उपस्थित गणमान्य
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास, श्री भरत चौधरी, विधायक श्रीमती सविता कपूर, श्रीमती पार्वती दास, श्री भूपाल राम टम्टा, सचिव श्री श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव श्री प्रकाश चंद्र सहित विभिन्न आयोगों, परिषदों एवं समितियों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष उपस्थित रहे।














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