साइबर ठगी के पीड़ितों के लिए बड़ी राहत: अब घर बैठे कर सकेंगे रिफंड रिक्वेस्ट, गृह मंत्रालय ने शुरू किया MRM पोर्टल

देहरादून: साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच गृह मंत्रालय ने साइबर ठगी के शिकार लोगों को बड़ी राहत दी है। अब साइबर फ्रॉड के पीड़ित घर बैठे ही अपने फंसे हुए पैसे वापस पाने के लिए ऑनलाइन रिफंड रिक्वेस्ट दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए गृह मंत्रालय द्वारा एमआरएम (Money Restoration Module) पोर्टल शुरू किया गया है।

उत्तराखंड एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Ajay Singh ने बताया कि यह पोर्टल साइबर अपराध पीड़ितों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है। इसके माध्यम से पीड़ित अपने धन की वापसी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल और पारदर्शी हो गई है।

एसएसपी अजय सिंह के अनुसार उत्तराखंड में इस नई व्यवस्था का लाभ मिलना भी शुरू हो गया है। अब तक चार साइबर पीड़ितों को एमआरएम पोर्टल के जरिए राहत मिल चुकी है और उनके धन की वापसी की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई है।

उन्होंने बताया कि साइबर अपराध की शिकायत दर्ज होने के बाद यदि ठगी की गई राशि संबंधित बैंक खातों में होल्ड या फ्रीज की जाती है तो पीड़ित एमआरएम पोर्टल के माध्यम से रिफंड के लिए अनुरोध कर सकता है। इससे पीड़ितों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर रिपोर्ट करें, ताकि समय रहते धनराशि को फ्रीज कर बचाया जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि एमआरएम पोर्टल साइबर अपराध पीड़ितों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे धन वापसी की प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!