रिपोर्ट: सुभाष चंद
ऊधम सिंह नगर जिले के खटीमा क्षेत्र में कथित अवैध धर्मांतरण को लेकर माहौल गरमा गया है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे पर विरोध जताते हुए प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा और तत्काल कार्रवाई की मांग की।
संगठनों का आरोप है कि सीमावर्ती और जनजाति बहुल गांवों में ईसाई मिशनरियों की गतिविधियां बढ़ रही हैं। खेतलसंडा खाम, पचौरिया गन्ना सेंटर, हलवाड़ी, सैजना, बड़ी बगुलिया, 22 पुल और भूड़ाकिशनी जैसे इलाकों में गरीब परिवारों को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है।
विहिप और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि लोगों को आर्थिक प्रलोभन देकर और ‘चंगाई सभा’ के नाम पर इलाज का झांसा देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। उन्होंने इसे संगठित तरीके से चलाया जा रहा अभियान बताया और इस पर रोक लगाने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रखंड मंत्री प्रदीप ठाकुर ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अवैध धर्मांतरण में शामिल लोगों के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा।
खटीमा तहसीलदार वीरेंद्र सजवान ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि किसी अनुसूचित जाति या जनजाति के व्यक्ति का धर्मांतरण प्रमाणित होता है, तो उसके कानूनी दर्जे पर प्रभाव पड़ सकता है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस मौके पर संगठन के कई प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें क्षितिज अरोड़ा (प्रखंड अध्यक्ष), प्रदीप ठाकुर (प्रखंड मंत्री), कमल कव्याल (प्रखंड सह मंत्री) और गुरविंदर सिंह (प्रखंड सह संयोजक) शामिल रहे।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री तक पहुंच चुके इस ज्ञापन के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है और इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई होती है।












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