देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) को लेकर उपजे विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। रुड़की में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए शहर के मुख्य चौराहे पर प्रदर्शन किया। नेताओं का कहना है कि लगातार हो रहे पेपर लीक और प्रशासनिक लापरवाही ने देश के लाखों होनहार युवाओं के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए स्थानीय छात्र नेताओं ने कहा कि जब देश के ज़िम्मेदार पदों पर बैठे नेताओं को परीक्षाओं के नाम तक का ठीक से ज्ञान नहीं है, तो वे इसकी सुचिता की रक्षा कैसे करेंगे। हाल ही में सत्तारूढ़ दल के नेताओं द्वारा परीक्षा के नाम को लेकर की गई टिप्पणी ने यह साफ कर दिया है कि सरकार युवाओं के मुद्दों को लेकर कितनी असंवेदनशील है।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पादित और समयबद्ध तरीके से उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक ज़िम्मेदार मंत्रियों को अपने पद से हट जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय अपनी नाकामी छुपाने के लिए केवल बहानेबाज़ी कर रहा है, जिसे देश का युवा अब बर्दाश्त नहीं करेगा।
इस दौरान छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि दो-दो साल तक दिन-रात मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों और उनके परिजनों पर क्या बीत रही है, इसका अंदाज़ा सरकार में बैठे लोगों को नहीं है। माता-पिता अपनी गाढ़ी कमाई कोचिंग और तैयारियों में लगा देते हैं, लेकिन परीक्षा के दिन धांधली की खबरें उनके सारे सपनों को चकनाचूर कर देती हैं।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही छात्रों के हित में कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता नहीं लाई गई, तो यह आंदोलन केवल रुड़की तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे प्रदेश में उग्र रूप धारण करेगा।
















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