रुड़की | हरिद्वार
हरिद्वार के रुड़की क्षेत्र में श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज अपने शिष्य महंत यति रामस्वरूपानंद गिरी की तलाश में पूरे दिन विभिन्न स्थानों पर खोजबीन करते रहे। देर शाम महंत मंगलौर थाना क्षेत्र की लखनौता चौकी में मिले, जिसके बाद महामंडलेश्वर उन्हें अपने साथ लेकर रवाना हो गए।
महामंडलेश्वर ने बताया कि उनके शिष्य ने हरिद्वार के सर्वानंद घाट से मुख्यमंत्री आवास देहरादून तक पदयात्रा का आह्वान किया था, लेकिन तय समय पर वे वहां नहीं पहुंचे और उनका मोबाइल भी बंद मिला। इसके बाद उन्होंने अपने शिष्यों के साथ उनकी तलाश शुरू की।
महंत यति रामस्वरूपानंद गिरी ने आरोप लगाया कि वे पिछले दो वर्षों से दहियाकी स्थित शिव मंदिर में सेवा कर रहे थे। उनका दावा है कि 27 जुलाई की रात कुछ लोगों ने मंदिर में घुसकर उनके साथ अभद्रता की, मारपीट की और मंदिर छोड़ने का दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि मामले की शिकायत पुलिस से की गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी ने कहा कि यदि उनके शिष्य को न्याय नहीं मिला और उन्हें दोबारा मंदिर में स्थापित नहीं किया गया, तो संत समाज के साथ राष्ट्रव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
















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