देहरादून: कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य और वीर शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों का योगदान देश हमेशा गर्व और सम्मान के साथ याद रखेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में उत्तराखण्ड के वीर सपूतों ने अद्वितीय साहस और पराक्रम का परिचय देते हुए देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के वीर सैनिकों ने हर चुनौती का डटकर सामना किया और अपने शौर्य से देश का गौरव बढ़ाया। ऐसे वीरों के बलिदान का ऋण राष्ट्र कभी नहीं चुका सकता।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि वीरभूमि के रूप में भी पूरे देश में अपनी अलग पहचान रखता है। छोटे राज्य होने के बावजूद राष्ट्रीय सुरक्षा में उत्तराखण्ड का योगदान हमेशा उल्लेखनीय रहा है। यहां की सैनिक परंपरा सदियों पुरानी है और आज भी प्रदेश के लगभग हर परिवार से कोई न कोई सदस्य भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों या अन्य सुरक्षा सेवाओं में देश की सेवा कर रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। सरकार उनके सम्मान, अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा सैनिक परिवारों के कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।
अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं से कारगिल के वीर शहीदों के आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं और देश की एकता, अखंडता तथा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करें। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस हमें देशभक्ति, साहस और बलिदान की उस अमर गाथा की याद दिलाता है, जो आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।














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