भीमताल : ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से दहशत फैलाने वाले वन्यजीव को आखिरकार वन विभाग ने पकड़ लिया है। भीमताल विकासखंड के भदयूनी क्षेत्र में लगाए गए पिंजरे में एक बाघ कैद हो गया, जिसके बाद क्षेत्र में कुछ हद तक राहत की स्थिति बनी है।
पिछले 20 दिनों से इस इलाके में लगातार वन्यजीव हमलों की घटनाएं सामने आ रही थीं। इन हमलों में कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जिससे ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों का माहौल था। इसी दौरान कमल सिंह नामक युवक की मौत ने स्थिति को और गंभीर बना दिया था।
वन विभाग की टीम लगातार ट्रैकिंग और निगरानी में जुटी हुई थी, जिसके बाद इस बाघ को पकड़ने में सफलता मिली। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि क्या यही वह वन्यजीव है जो लगातार हमलों के लिए जिम्मेदार था।
जांच के बाद खुलेगा सच
वन अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए बाघ की फॉरेंसिक और व्यवहारिक जांच की जाएगी। उसके बाद ही यह पुष्टि हो सकेगी कि यह वही आदमखोर वन्यजीव है या कोई अन्य बाघ।
ग्रामीणों को मिली अस्थायी राहत
बाघ के पिंजरे में कैद होने के बाद ग्रामीणों ने थोड़ी राहत की सांस ली है, लेकिन डर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। लोगों का कहना है कि जब तक असली हमलावर की पहचान नहीं हो जाती, तब तक खतरा बना रहेगा।
आदमखोर होने पर संशय बरकरार
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल पकड़ लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही पहचान और जांच जरूरी है। तभी यह तय होगा कि यह बाघ मानव जीवन के लिए कितना खतरनाक था।














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