नैनीताल: कुमाऊं विश्वविद्यालय ने महाराष्ट्र एवं गोवा के पूर्व राज्यपाल, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और विश्वविद्यालय की पूर्व कार्यपरिषद के सदस्य पद्म भूषण भगत सिंह कोश्यारी को राष्ट्रसेवा, शिक्षा, सुशासन और उत्तराखंड के समग्र विकास में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए भव्य सम्मान समारोह में सम्मानित किया।
नैनीताल स्थित डीएसबी परिसर के ए.एन. सिंह हॉल में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत भगत सिंह कोश्यारी को गार्ड ऑफ ऑनर देकर की गई। इसके बाद उन्हें शिक्षा, जनसेवा, सुशासन और विशेष रूप से उत्तराखंड एवं कुमाऊं क्षेत्र के विकास में उनके बहुमूल्य एवं अविस्मरणीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह में पद्मश्री अनूप शाह और नगर पालिका अध्यक्ष सरस्वती खेतवाल ने विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर एक कॉफी टेबल बुक का भी लोकार्पण किया गया, जो कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा।
कार्यक्रम के दौरान शहर की विभिन्न सामाजिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक संस्थाओं ने भी भगत सिंह कोश्यारी का अभिनंदन किया। साथ ही नैनीताल के विभिन्न विद्यालयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को भी उनके हाथों सम्मानित किया गया।
उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी बनाने पर दिया जोर
समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि उत्तराखंड को देश की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ठोस प्रयास जरूरी हैं, ताकि रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हों और पलायन जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी रोक लग सके।
उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षा, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक पर्यटन के समन्वय से उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।
















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