नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जिले में गुलदार (तेंदुआ) के हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। भीमताल ब्लॉक के ज्योली गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां चारा लेने जंगल गई एक महिला को गुलदार ने अपना शिकार बना लिया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, ज्योली गांव निवासी दया किशन पांडेय की पत्नी हेमा पांडेय (लगभग 47 वर्ष) मवेशियों के लिए चारा लेने जंगल गई थीं। उनके साथ गांव की दो अन्य महिलाएं भी मौजूद थीं। कुछ समय बाद जब हेमा पांडेय का पता नहीं चला, तो साथ गई महिलाएं घबराकर गांव लौटीं और परिजनों को सूचना दी।
सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में जंगल की ओर पहुंचे और खोजबीन शुरू की। करीब दो किलोमीटर दूर जंगल से महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
मौके पर पहुंचे अधिकारी, वन विभाग पर सवाल
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। वहीं, ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश सिंह बिष्ट जो उस समय एक बैठक में व्यस्त थे, सूचना मिलते ही तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुए।
डॉ. बिष्ट ने कहा कि
“भीमताल क्षेत्र में पिछले एक वर्ष में इस तरह की 9-10 घटनाएं हो चुकी हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं। वन विभाग को ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए।”
बढ़ता खतरा, पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले मनोरा क्षेत्र के मोरा गांव में भी गुलदार के हमले में एक महिला की जान जा चुकी है। उस घटना के बाद वन विभाग ने एक बाघ को पकड़कर आदमखोर घोषित किया था, लेकिन लगातार हो रही घटनाओं से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। देर रात तक ग्रामीणों और ब्लॉक प्रमुख ने शव के साथ धरना प्रदर्शन किया और वन विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई।
ग्रामीणों की मांग है कि:
- आदमखोर गुलदार/बाघ को जल्द पकड़ा जाए
- प्रभावित क्षेत्रों में पिंजरे लगाए जाएं
- गांवों की सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए
डर और असुरक्षा का माहौल
इस घटना के बाद पूरे ज्योली गांव और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। लोग अब जंगल जाने से डर रहे हैं और खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
वन विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जल्द ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
















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