महाराष्ट्र में तरबूज खाने से एक ही परिवार के कई लोगों की मौत की घटना के बाद उत्तराखंड प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड में आ गया है। इसी कड़ी में खाद्य सुरक्षा विभाग ने राज्यभर में निगरानी और जांच अभियान तेज कर दिया है।
रुड़की की कृषि मंडी में आज सुबह तड़के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) की टीम ने अचानक छापेमारी की कार्रवाई की। यह कार्रवाई खाद्य आयुक्त सचिन कुर्वे के निर्देश पर की गई, जिससे मंडी में हड़कंप मच गया।
खाद्य उपायुक्त गढ़वाल आर.एस. रावत के नेतृत्व में पहुंची टीम ने मंडी में बिक रहे तरबूज, खरबूजा, पपीता और केले समेत कई फलों की विस्तृत जांच की। मौके पर कई फलों के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
छापेमारी के दौरान एक गोदाम से संदिग्ध रसायन भी बरामद हुआ है, जिसका उपयोग फलों को कृत्रिम रूप से पकाने में किए जाने की आशंका जताई जा रही है। विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जांच में यह भी सामने आया कि कई फलों के व्यापारियों के पास कृत्रिम पकाने से संबंधित वैध लाइसेंस उपलब्ध नहीं थे। इस पर विभाग ने संबंधित कारोबारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
खाद्य उपायुक्त आर.एस. रावत ने साफ कहा कि नोटिस का जवाब निर्धारित 10 दिनों के भीतर नहीं मिलने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अधिक चमकदार, असामान्य रूप से पके और संदिग्ध फलों की खरीद से बचें, क्योंकि ऐसे फल स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि मिलावट और अवैध रसायनों के इस्तेमाल के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि आम जनता की सेहत से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ न हो सके।












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