मसूरी में देर रात आए तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी। तेज हवाओं के कारण कई पेड़ और टहनियां सड़कों पर गिर गईं, जबकि कई मकानों की छतें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। खराब मौसम के चलते शहर के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित रहा।
मौसम विभाग की चेतावनी के बीच आए इस तूफान का असर माल रोड, कैमल बैक रोड और मसूरी-देहरादून मार्ग पर सबसे ज्यादा देखने को मिला। कई स्थानों पर सड़कें अवरुद्ध हो गईं और वाहनों को नुकसान पहुंचा। माल रोड पर गिरी पेड़ों की टहनियों से कुछ स्कूटियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं।
स्थानीय लोगों ने लगातार हो रहे अवैध खनन और प्रकृति से छेड़छाड़ को इस आपदा का बड़ा कारण बताया। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।
नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी और अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर संबंधित विभागों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रशासन ने बरसात से पहले सूखे पेड़ों की लॉपिंग और नालों की सफाई कार्य तेज करने की बात कही है।
सभासद गीता कुमाई ने बताया कि वन विभाग को पहले ही खतरे वाले पेड़ों के संबंध में अवगत कराया गया था। उन्होंने कहा कि कैमल बैक रोड क्षेत्र में सबसे अधिक नुकसान हुआ है और कई परिवारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।












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