बार-बार टूट रहा कांच, क्या है वजह?
टिहरी और पौड़ी को जोड़ने वाले इस अहम पुल के फुटपाथ पर लगे पारदर्शी कांच में इस बार भी दरारें देखी गई हैं। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने फुटपाथ से लोगों की आवाजाही अस्थायी रूप से बंद कर दी है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि इससे पहले भी दो बार इसी तरह कांच टूट चुका है। हर बार कांच बदला गया, लेकिन समस्या फिर सामने आना निर्माण कार्य पर सवाल खड़े करता है।
करोड़ों की लागत, फिर भी भरोसे पर सवाल
लोक निर्माण विभाग की देखरेख में बन रहा यह पुल करीब ₹69 करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा है।
- कुल लंबाई: 132.30 मीटर
- चौड़ाई: 5 मीटर
- दोनों ओर कांच का फुटपाथ
- कांच की मोटाई: 65 मिमी
डिजाइन को आकर्षक बनाने के लिए ट्रांसपेरेंट ग्लास फुटपाथ बनाया गया है, जो पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र माना जा रहा है।
बिना उद्घाटन के ही बन गया टूरिस्ट स्पॉट
हैरानी की बात यह है कि पुल का उद्घाटन अभी तक नहीं हुआ है, लेकिन यहां लोगों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। पर्यटक यहां फोटो और सेल्फी लेने के लिए पहुंच रहे हैं।
मौके पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं और न ही लोगों को रोकने के लिए कोई स्टाफ तैनात किया गया है।
लक्ष्मणझूला बंद होने के बाद बढ़ी अहमियत
16 अप्रैल 2022 को ऐतिहासिक लक्ष्मणझूला पुल को जर्जर हालत के कारण बंद कर दिया गया था। इसके बाद इस नए पुल को वैकल्पिक कनेक्टिविटी के रूप में देखा जा रहा है।
नियमों की कमी बढ़ा रही जोखिम
पुल के कांच वाले हिस्से पर चलने के लिए अभी तक कोई स्पष्ट गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। इसके बावजूद लोग बड़ी संख्या में वहां पहुंच रहे हैं, जिससे सुरक्षा जोखिम और बढ़ गया है।
विभाग की प्रतिक्रिया
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अभी इस घटना की जानकारी नहीं मिली है। मामले की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों की चिंता
स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर उद्घाटन से पहले ही इस तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं, तो भविष्य में पुल की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
क्या कहती है स्थिति?
बजरंग सेतु से क्षेत्र में यातायात और पर्यटन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है, लेकिन लगातार सामने आ रही तकनीकी खामियां इस परियोजना की साख पर असर डाल रही हैं। अब सभी की नजर विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी है।












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