उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थल मसूरी में आज रोपवे सुरक्षा को लेकर बड़े स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया को मजबूत करना और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल को परखना था।
माल रोड स्थित रोपवे पर आयोजित इस मॉक ड्रिल में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और मसूरी पुलिस की टीमों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। संयुक्त अभियान के दौरान रोपवे में फंसे यात्रियों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का सफल अभ्यास किया गया।
मॉक ड्रिल का संचालन उप जिलाधिकारी राहुल आनंद के नेतृत्व में किया गया। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश पर आयोजित इस अभ्यास का मकसद संभावित आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया और संसाधनों के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करना है।
इस मौके पर अजय पंत (SDRF सहायक सेनानी) ने कहा कि नियमित मॉक ड्रिल से न केवल उपकरणों की कार्यक्षमता की जांच होती है, बल्कि टीमों के बीच समन्वय भी मजबूत होता है। इससे किसी भी आपात स्थिति में तेजी और दक्षता के साथ राहत कार्य किया जा सकता है।
मसूरी का रोपवे पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र है, जहां हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से लोग पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन द्वारा समय-समय पर इस तरह के अभ्यास आयोजित कर सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखा जाता है।
इस मॉक ड्रिल के जरिए यह संदेश भी दिया गया कि आपदा प्रबंधन की तैयारियां पूरी तरह मजबूत हैं और किसी भी संकट की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
















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