देवप्रयाग में आस्था का महाकुंभ: कैलापीर देवता की तीन दिवसीय पूजा धूमधाम से संपन्न

देवप्रयाग: उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जनपद स्थित देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में कैलापीर देवता की तीन दिवसीय पूजा श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुई। डाडापानी स्थित प्राचीन कैलापीर मंदिर में आयोजित इस धार्मिक मेले में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

परंपरा और आस्था का संगम

हर वर्ष अप्रैल माह में लगने वाला यह मेला हिंडोलाखाल ब्लॉक की विशेष पट्टी का एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजन है। इस बार मंदिर के नव-निर्माण के बाद मेले का स्वरूप और अधिक भव्य और आकर्षक दिखाई दिया।

ग्राम सभा कफलड, उछा, त्याड समेत कई गांवों के सामूहिक प्रयास से बने इस मंदिर में पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। दूर-दराज क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने यहां पहुंचकर अपनी आस्था व्यक्त की।

डंडा पानी यात्रा ने बढ़ाया उत्साह

मेले का मुख्य आकर्षण “डंडा पानी यात्रा” रही। श्रद्धालु कई किलोमीटर की पैदल यात्रा कर मंदिर पहुंचे। इस दौरान ढोल-दमाऊं की थाप, नेजा-निशान और देवता के पश्वा के साथ निकली यात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।

मंदिर समिति ने जताया आभार

मंदिर समिति के अध्यक्ष कुंदन सिंह रतकली, सचिव रविंद्र सिंह चंद और मुख्य सलाहकार राजेंद्र सिंह चंद ने मंदिर निर्माण में सहयोग देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह मंदिर क्षेत्र की एक बड़ी आस्था का केंद्र बन चुका है।

सड़क निर्माण की उठी मांग

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कांग्रेस कमेटी देवप्रयाग के अध्यक्ष उत्तम सिंह असवाल ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन हमारी सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखते हैं। उन्होंने मंदिर तक सड़क निर्माण की जरूरत पर भी जोर दिया, ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके।

क्षेत्रीय भागीदारी से बढ़ी भव्यता

इस आयोजन में जनप्रतिनिधि, पुजारीगण, बाजगीर समुदाय और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।

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