मुनिकीरेती-कौड़ियाला इको टूरिज्म ज़ोन में साहसिक पर्यटन की आड़ में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। पर्यटन विभाग की छापेमारी में पांच राफ्टिंग कंपनियां नियमों का उल्लंघन करते हुए पकड़ी गईं। ये कंपनियां आधी रात को गंगा में राफ्टिंग करवा रही थीं और पर्यटकों की सुरक्षा से समझौता कर रही थीं।
चेकिंग में सामने आई बड़ी लापरवाही
साहसिक पर्यटन अधिकारी जसपाल चौहान के नेतृत्व में हुई जांच के दौरान दो राफ्टिंग कंपनियों की नावें रात के समय नदी में संचालित पाई गईं। इसके अलावा तीन कंपनियां ओवरलोडिंग और टोकन पर्ची के नियमों का उल्लंघन करती मिलीं।
प्रतिबंधित क्षेत्र में ले जाए गए पर्यटक
स्वर्गाश्रम क्षेत्र की एक कंपनी का गाइड पर्यटकों को ‘यूसुफ बीच’ जैसे प्रतिबंधित वन क्षेत्र में लेकर गया। यह इलाका असुरक्षित माना जाता है, फिर भी नियमों को दरकिनार कर पर्यटकों की जान जोखिम में डाली गई।
शुल्क जमा न करने का भी खुलासा
जांच में यह भी पाया गया कि कुछ कंपनियां विभाग द्वारा तय प्रति पर्यटक शुल्क जमा नहीं कर रही थीं, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंच रहा था।
रिपोर्ट भेजी, लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश
पर्यटन विभाग ने सभी दोषी कंपनियों के खिलाफ रिपोर्ट उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद को भेज दी है। साथ ही एक गाइड का लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश भी की गई है।
विभाग की सख्त चेतावनी
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पर्यटन गतिविधियों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले समय में भी ऐसे चेकिंग अभियान लगातार चलाए जाएंगे।
















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