पिथौरागढ़: उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय और एसटीएफ द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन साइबर सुरक्षा” अभियान के तहत गुरुवार को पुलिस लाइन सभागार, पिथौरागढ़ में बैंक प्रबंधकों और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता जनपद साइबर नोडल अधिकारी एवं पुलिस उपाधीक्षक जी.बी. जोशी ने की।
कार्यक्रम में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक नीरज भाकुनी और कांस्टेबल मनोज कुमार ने जिले के सभी बैंक प्रबंधकों, थाना प्रभारियों और पुलिस कर्मियों को साइबर अपराधों की रोकथाम, जांच और नई प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान साइबर अपराधों के मामलों में तेजी से कार्रवाई और बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यशाला में गृह मंत्रालय के Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) द्वारा संचालित Money Restoration Module (MRM) और Grievance Redressal Mechanism (GRM) पोर्टलों के संचालन एवं मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि MRM के माध्यम से साइबर ठगी के पीड़ितों की होल्ड की गई धनराशि वापस दिलाने और GRM के जरिए फ्रीज बैंक खातों के नियमानुसार संचालन की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जा रहा है।
बैठक में पोर्टलों के उपयोग के दौरान आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैंक प्रतिनिधियों और पुलिस अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए साइबर अपराधों के त्वरित निस्तारण, पीड़ितों को समयबद्ध राहत और आपसी समन्वय को और मजबूत बनाने पर सहमति व्यक्त की।
















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