केदारनाथ धाम में वीआईपी दर्शन को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। हाल ही में उद्योगपति Gautam Adani के दर्शन के दौरान कुछ श्रद्धालुओं और तीर्थ पुरोहितों ने आरोप लगाया कि उन्हें विशेष सुविधा दी गई, जिससे आम श्रद्धालुओं में नाराजगी देखने को मिली।
विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि धाम में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए और हर श्रद्धालु को समान रूप से दर्शन का अवसर मिलना चाहिए। इस मुद्दे ने मौके पर तनाव की स्थिति भी पैदा कर दी।
विवाद बढ़ने के बाद Badrinath-Kedarnath Temple Committee (BKTC) के अध्यक्ष Hemant Dwivedi सामने आए और उन्होंने पूरे मामले पर सफाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि केदारनाथ धाम में कोई वीआईपी दर्शन व्यवस्था नहीं है और सभी के लिए एक जैसी प्रक्रिया लागू है।
हेमंत द्विवेदी ने बताया कि गौतम अडानी ने भी सामान्य श्रद्धालुओं की तरह ही सीमित समय में गर्भगृह में दर्शन किए। उनके अनुसार, असली विवाद तब हुआ जब कुछ लोग निकासी द्वार से अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें पुलिस ने रोक दिया। इसी घटना को वीआईपी दर्शन का मुद्दा बनाकर गलत तरीके से पेश किया गया।
मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और धाम की व्यवस्थाओं में सहयोग करें, ताकि सभी को सुचारु रूप से दर्शन का अवसर मिल सके।
















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