उत्तराखंड में महिला आरक्षण के मुद्दे ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पोस्टकार्ड भेजकर आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में 33% महिला आरक्षण लागू करने की मांग उठाई है।
ज्योति रौतेला के अनुसार, यह एक व्यापक अभियान है, जिसके तहत देशभर की महिलाएं प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अपनी आवाज बुलंद करेंगी। उन्होंने बताया कि केवल उत्तराखंड से ही लगभग एक लाख महिलाएं इस अभियान में शामिल होकर पोस्टकार्ड भेज रही हैं।
हालांकि, इस पहल पर भाजपा ने सवाल उठाए हैं। भाजपा प्रदेश महामंत्री दीप्ती रावत ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अभियान का दावा बड़ा है, लेकिन तस्वीरों में बहुत कम महिलाएं नजर आ रही हैं। उन्होंने इसे सिर्फ दिखावटी राजनीति करार दिया।
दीप्ती रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री को पत्र लिखना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कांग्रेस को अपने नेताओं के पुराने रुख पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने पहले महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं किया था।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि महिला कांग्रेस सच में गंभीर है, तो उन्हें सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भी पत्र लिखकर इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाने के लिए कहना चाहिए।
महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच यह तकरार आने वाले चुनावों में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकती है।












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