उत्तराखंड के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने शुक्रवार को दुपहिया इलेक्ट्रिक वाहन से अचानक उपनल मुख्यालय पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। मंत्री के अचानक पहुंचने से कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हड़कंप की स्थिति बन गई।
औचक निरीक्षण से कर्मचारियों में मची हलचल
मंत्री गणेश जोशी को बिना पूर्व सूचना अपने बीच देखकर कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पूरे कार्यालय में अचानक गतिविधियां तेज हो गईं और कार्यप्रणाली को लेकर सजगता देखने को मिली।
कार्यप्रणाली और उपस्थिति का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने उपनल मुख्यालय के विभिन्न अनुभागों का दौरा किया और:
- कर्मचारियों की उपस्थिति
- कार्यालय संचालन
- कार्यप्रणाली
- प्रबंधन व्यवस्था
का गहन निरीक्षण किया। साथ ही अधिकारियों से व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी भी ली।
50% वर्क फ्रॉम होम के निर्देश
मंत्री ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और ईंधन संरक्षण को ध्यान में रखते हुए बड़ा निर्णय लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि उपनल मुख्यालय का 50 प्रतिशत कार्य “वर्क फ्रॉम होम” प्रणाली के तहत संचालित किया जाए।
“नो व्हीकल डे” हर शनिवार
इसके साथ ही मंत्री ने सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” लागू करने के निर्देश दिए।
- हर शनिवार अधिकतम कार्य ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा
- अनावश्यक वाहन उपयोग को कम करने पर जोर रहेगा
इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की अपील
मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने से:
- ईंधन की बचत होगी
- पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने और अनावश्यक वाहन उपयोग कम करने की अपील की।
उपनल मुख्यालय में डाक कार्य के लिए उपयोग किए जा रहे दुपहिया इलेक्ट्रिक वाहन की सराहना करते हुए उन्होंने इसे अन्य विभागों के लिए प्रेरणादायक पहल बताया।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस दौरान उपनल के निदेशक मेजर जनरल शम्मी सभरवाल, प्रबंध निदेशक ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट तथा उपमहाप्रबंधक मेजर हिमांशु रौतेला भी मौजूद रहे।
मंत्री का यह औचक निरीक्षण न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली को सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत की दिशा में भी एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।












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