कैंसर पीड़ित परिवार को बड़ी राहत: जिला प्रशासन ने माफ कराया 71 हजार का ऋण, दी 50 हजार की आर्थिक सहायता

देहरादून: आर्थिक संकट और गंभीर बीमारी से जूझ रहे एक कैंसर पीड़ित परिवार को जिला प्रशासन देहरादून ने बड़ी राहत प्रदान की है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के निर्देशों के तहत जिला प्रशासन ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए परिवार का 71 हजार रुपये का ऋण माफ कराया और अतिरिक्त 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई।

जिलाधिकारी Savin Bansal के नेतृत्व में जिला प्रशासन लगातार जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक राहत पहुंचाने का कार्य कर रहा है। प्रशासन द्वारा सीएसआर फंड, रायफल क्लब मद और विभिन्न जिला स्तरीय प्रोजेक्टों के माध्यम से जरूरतमंदों को सहायता दी जा रही है।

मामला रायपुर विकासखंड के मालदेवता क्षेत्र का है, जहां संध्या रमोला ने जिलाधिकारी से सहायता की गुहार लगाई थी। उन्होंने बताया कि उनके पति गले के कैंसर से पीड़ित हैं और उनका इलाज हिमालय अस्पताल में चल रहा है। लगातार कीमोथेरेपी और बीमारी के कारण उनके पति काम करने में असमर्थ हो गए, जिससे परिवार गंभीर आर्थिक संकट में पहुंच गया।

संध्या रमोला ने बताया कि परिवार में दो छोटे बच्चे हैं और इलाज व घरेलू खर्चों के चलते आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। परिवार ने स्वरोजगार और स्वयं सहायता समूह संचालन के लिए बैंक से ऋण लिया था, लेकिन पति की बीमारी के चलते किश्तें जमा नहीं हो पाईं। इसके बाद बैंक की ओर से करीब 71 हजार रुपये जमा करने का नोटिस जारी किया गया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सीएसआर फंड से 71 हजार रुपये की राशि सीधे ऋण खाते में जमा कराने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित बैंक को नो ड्यूज प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा रायफल क्लब मद से डीबीटी के माध्यम से 50 हजार रुपये की अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी संध्या रमोला के खाते में भेजी गई।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जरूरतमंद परिवारों तक हरसंभव सहायता पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जो लोग किसी कारणवश सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं या आकस्मिक संकट का सामना कर रहे होते हैं, उन्हें जिला प्रशासन हर स्तर पर मदद उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

जिला प्रशासन की इस पहल को मानवीय संवेदनशीलता और जनकल्याणकारी प्रशासन का प्रभावी उदाहरण माना जा रहा है।

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