चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए योगनगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य किसी भी आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता और आपसी तालमेल को मजबूत करना था।
पुलिस उपाधीक्षक ऋषिकेश के नेतृत्व में आयोजित इस ड्रिल में स्थानीय पुलिस, जीआरपी, आरपीएफ, एटीएस और फायर सर्विस की टीमों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी एजेंसियों ने मिलकर संभावित खतरे से निपटने की रणनीति का सफल प्रदर्शन किया।
संदिग्धों की सूचना पर तत्काल एक्शन
ड्रिल के दौरान दोपहर में प्लेटफार्म नंबर 1 के पुरुष प्रतीक्षालय में संदिग्ध गतिविधि की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और जीआरपी टीम अलर्ट हो गई। प्रभारी निरीक्षक और जीआरपी चौकी प्रभारी प्रीति सैनी ने तुरंत कंट्रोल रूम और वरिष्ठ अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया।
कुछ ही मिनटों में स्टेशन परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया और संदिग्ध क्षेत्र को पूरी तरह खाली करा लिया गया।
एटीएस और सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही एटीएस, फायर ब्रिगेड और 108 एम्बुलेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं। एटीएस टीम ने पूरी सतर्कता के साथ संदिग्धों को काबू में लिया और उन्हें अलग स्थान पर ले जाकर गहन जांच की।
पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया गया। संदिग्धों को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित चौकी भेजा गया।
सुरक्षा तैयारियों की हुई समीक्षा
अधिकारियों ने बताया कि यह मॉक ड्रिल चारधाम यात्रा से पहले सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा का हिस्सा है। इस तरह के अभ्यास से विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है और वास्तविक परिस्थितियों में प्रतिक्रिया समय को कम किया जा सकता है।
यह सफल आयोजन दर्शाता है कि रेलवे और सुरक्षा एजेंसियां यात्रियों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग और तैयार हैं।












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