काशीपुर के इतिहास में पहली बार चैती मेला समाप्त होने के बाद नगर निगम द्वारा वृहद स्तर पर स्वच्छता महाअभियान चलाया गया। बुधवार सुबह आयोजित इस विशेष अभियान का नेतृत्व महापौर दीपक बाली ने स्वयं किया, जिसमें शहरभर से लोगों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।
नगर निगम की पहल “जहां उत्सव, वहां स्वच्छता” के संदेश के साथ सुबह 7 बजे अभियान की शुरुआत हुई। मेला परिसर में सफाई के दौरान कचरा संग्रहण, प्लास्टिक एवं कांच हटाने और पूरे क्षेत्र को व्यवस्थित करने पर विशेष ध्यान दिया गया। इस अभियान में सामाजिक संगठनों, विद्यालयों, उद्योगों से जुड़े लोगों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
महापौर दीपक बाली ने कहा कि चैती मेला जैसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के बाद स्वच्छता बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मेला स्थल की सफाई न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक है, बल्कि इससे धार्मिक स्थलों की पवित्रता भी बनी रहती है और आने-जाने वाले लोगों को स्वच्छ वातावरण मिलता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य शहरवासियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। उनके अनुसार, जनभागीदारी ही ऐसे अभियानों की सफलता की कुंजी है और इसी से काशीपुर को स्वच्छ व आदर्श शहर बनाया जा सकता है।
अभियान में नगर निगम के अधिकारियों सहित नगर आयुक्त रविंद्र सिंह बिष्ट, उप जिलाधिकारी अभय प्रताप सिंह, सहायक नगर आयुक्त विनोद लाल शाह, शालिनी नेगी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमरजीत सिंह साहनी सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। इसके अलावा विभिन्न स्कूलों के बच्चों, व्यापारिक संगठनों और पर्यावरण मित्रों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
पूरे मेला क्षेत्र को चार जोन में बांटकर सफाई कार्य को व्यवस्थित रूप से अंजाम दिया गया। महापौर दीपक बाली ने अपनी बेटी मुद्रा बाली के साथ सभी जोनों का दौरा कर स्वयं सफाई कार्य में योगदान दिया।
अभियान के दौरान मौसम ने भी साथ दिया। धूल भरे माहौल के बीच अचानक हुई बारिश ने वातावरण को साफ कर दिया, जिससे यह संदेश गया कि जैसे प्रकृति भी इस पहल का समर्थन कर रही हो।
इस स्वच्छता महाअभियान ने न केवल मेला परिसर को साफ-सुथरा बनाया, बल्कि शहरवासियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी का संदेश भी दिया। अभियान के बाद सभी प्रतिभागियों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई, जिसमें महापौर प्रतिनिधि चौधरी समरपाल सिंह का विशेष योगदान रहा।
स्थानीय लोगों और संगठनों द्वारा इस पहल की व्यापक सराहना की जा रही है और इसे काशीपुर के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
















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