उत्तराखंड कांग्रेस में नई प्रदेश कार्यकारिणी को लेकर सियासी हलचल लगातार तेज बनी हुई है। प्रदेश अध्यक्ष Ganesh Godiyal के नेतृत्व में संगठन को मजबूत करने की कवायद तो जारी है, लेकिन नई टीम के गठन में हो रही देरी अब पार्टी के भीतर भी चर्चा का विषय बन चुकी है।
करीब छह महीने पहले दोबारा प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने वाले गणेश गोदियाल अब तक नई कार्यकारिणी घोषित नहीं कर पाए हैं। ऐसे में पुरानी 218 सदस्यीय जंबो कार्यकारिणी के सहारे ही संगठन का कामकाज चलाया जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन में संतुलन बनाने की है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, पूर्व विधायक और अलग-अलग गुटों के प्रतिनिधियों को साधना आसान नहीं माना जा रहा। यही वजह है कि नई कार्यकारिणी के गठन में लगातार देरी हो रही है।
वहीं, भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि पार्टी अब भी आंतरिक गुटबाजी से जूझ रही है। भाजपा का दावा है कि जहां उनका संगठन सीमित और सक्रिय टीम के साथ काम कर रहा है, वहीं कांग्रेस अब भी भारी-भरकम ढांचे में उलझी हुई है।
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का कहना है कि नई कार्यकारिणी का प्रस्ताव पार्टी हाईकमान को भेजा जा चुका है और जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक आने वाले समय में कार्यकारिणी का गठन कांग्रेस की चुनावी रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।












Leave a Reply