किच्छा-नगला राज्यीय मार्ग के चौड़ीकरण कार्य को गति देने के लिए प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मार्ग में आ रही मजार को हटवा दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न फैले।
अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित मजार को अवैध संरचना मानते हुए पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके थे। इज्जतनगर रेलवे प्रशासन द्वारा 26 मई 2023 और 18 सितंबर 2025 को प्रबंधन से भूमि से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके, तय समय के भीतर कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं कराया गया और न ही स्वयं संरचना हटाई गई।
नियमों के तहत आगे बढ़ते हुए प्रशासन ने आज कार्रवाई को अंजाम दिया। पूरी प्रक्रिया के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी सुनिश्चित की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि हटाई गई संरचना के नीचे किसी भी प्रकार के धार्मिक या ऐतिहासिक अवशेष नहीं मिले हैं।
इससे पहले भी, इसी परियोजना के तहत एक प्राचीन काली मंदिर की मूर्तियों को विधिवत स्थानांतरित कर शंकर फार्म स्थित मंदिर में स्थापित किया गया था। प्रशासन का कहना है कि विकास कार्यों में बाधा बन रही सभी संरचनाओं पर समान रूप से कार्रवाई की जा रही है, चाहे वे किसी भी धर्म से जुड़ी हों।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किच्छा-नगला मार्ग का चौड़ीकरण क्षेत्र के ट्रैफिक दबाव को कम करने और आवागमन को सुगम बनाने के लिए जरूरी है। इस परियोजना के पूरा होने से स्थानीय लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
















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