नैनीताल में मूसलाधार बारिश का कहर: आधा दर्जन ग्रामीण सड़कें और प्रमुख जिला मार्ग बंद, जनजीवन प्रभावित

रिपोर्ट: ललित जोशी

लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने सरोवर नगरी नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। देर रात से शुरू हुई तेज बारिश का सिलसिला बुधवार सुबह तक जारी रहा, जिससे कई ग्रामीण सड़कें और एक प्रमुख जिला मार्ग भूस्खलन एवं मलबा आने के कारण बंद हो गए। मौसम विभाग ने पूरे दिन बारिश जारी रहने की संभावना जताई है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

देर रात से लगातार हो रही बारिश

नैनीताल सहित पूरे जिले और उत्तराखंड के कई हिस्सों में देर रात से भारी बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही वर्षा के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं, जबकि कई स्थानों पर नाले और गधेरे उफान पर बह रहे हैं। घने कोहरे के चलते दृश्यता भी काफी कम हो गई है, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है।

कई सड़कें मलबा आने से बंद

भारी बारिश के चलते जिले की कई महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़कें बाधित हो गई हैं। इनमें शामिल हैं—

  • अलचोना मोटर मार्ग
  • मोरनोला–भण्डारपानी मार्ग
  • पदमपुर–हैड़ाखान मार्ग
  • हरिश्ताल मोटर मार्ग
  • भुजान–बेतालघाट प्रमुख जिला मार्ग

प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें सभी मार्गों को जल्द से जल्द खोलने के लिए युद्धस्तर पर राहत एवं सफाई कार्य में जुटी हुई हैं।

नैनीताल में सबसे अधिक बारिश

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में सबसे अधिक वर्षा नैनीताल क्षेत्र में लगभग 43 मिमी दर्ज की गई है। वहीं बेतालघाट क्षेत्र में करीब 12 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जो जिले में सबसे कम रही।

स्कूलों और पर्यटन पर भी असर

लगातार हो रही बारिश और खराब मौसम का असर शिक्षा और पर्यटन पर भी देखने को मिला। अधिकांश स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम रही। वहीं नैनीताल घूमने आए पर्यटक भी खराब मौसम के कारण अपने होटलों में ही रहने को मजबूर रहे।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, आज पूरे दिन नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों में बारिश जारी रहने की संभावना है। विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, पहाड़ी मार्गों पर सावधानी बरतने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

लगातार हो रही बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठंड का असर एक बार फिर बढ़ गया है। प्रशासन संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

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