उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) श्रीनगर के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि संस्थान के विकास कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं और स्थानीय लोगों के हितों का विशेष ध्यान रखा जाए।
अपने शासकीय आवास पर आयोजित समीक्षा बैठक में डॉ. धन सिंह रावत ने तकनीकी शिक्षा विभाग, एनआईटी श्रीनगर और कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों के साथ निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने वादे के अनुसार संस्थान को बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा दी हैं, जबकि शेष कार्य संस्थान और संबंधित एजेंसियों को समयबद्ध तरीके से पूरे करने होंगे।
कैबिनेट मंत्री ने कार्यदायी संस्थाओं की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कई कार्य अनुबंधों के अनुरूप नहीं हो रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि देने वाले परिवारों और आसपास के ग्रामीणों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
डॉ. रावत ने एनआईटी प्रशासन को राजकीय पॉलीटेक्निक श्रीनगर के अधिगृहित भवनों को चरणबद्ध तरीके से तकनीकी शिक्षा विभाग को वापस सौंपने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही उन्होंने एनआईटी परिसर से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा।
स्थानांतरण प्रक्रिया समय पर पूरी करने के निर्देश
तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के वार्षिक स्थानांतरण समय पर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर विभाग से सम्बद्ध और अन्य विभागों में प्रतिनियुक्ति पर तैनात सभी कार्मिकों की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उन्हें उनके मूल पदों पर वापस भेजा जाए।
बैठक में अपर सचिव तकनीकी शिक्षा मनुज गोयल, एनआईटी श्रीनगर के डीन प्रो. विवेक श्रीवास्तव, निदेशक तकनीकी शिक्षा देशराज, कुलसचिव एच.एम. आजाद, सचिव यूबीटीआर डॉ. मुकेश माण्डेय, संयुक्त निदेशक आलोक मिश्र, उप निदेशक एस.के. वर्मा सहित विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे।












Leave a Reply