रुड़की के भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र से सामने आई तस्वीरों ने एक बार फिर औद्योगिक प्रदूषण और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सिसौना गांव के किसानों ने आरोप लगाया है कि फैक्ट्रियों से छोड़े जा रहे केमिकल युक्त पानी ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं और अब किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि रात के अंधेरे में कई फैक्ट्रियां जहरीला पानी खुले नालों में छोड़ देती हैं। यही पानी खेतों तक पहुंचकर फसलों को नष्ट कर रहा है। किसानों ने बताया कि उन्होंने ब्याज पर पैसे लेकर खेती की थी ताकि अच्छी पैदावार से परिवार का खर्च चल सके, लेकिन अब हालात बद से बदतर हो गए हैं।
किसानों का कहना है कि फसलें खराब होने के बाद अब उनके सामने बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च और कर्ज चुकाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से दोषी कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है।
मामले के तूल पकड़ने के बाद किसान तहसील पहुंचे, जहां अधिकारियों ने जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया। प्रदूषण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर संबंधित कंपनियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या किसानों को इंसाफ मिलेगा या फिर यह मामला भी सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगा।












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