हरिद्वार जिले में अवैध भू-हड़प और हरियाली के विनाश का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। भगवानपुर के तेलपुरा क्षेत्र में 140 बीघा आम के बाग को उजाड़े जाने के बाद अब मंगलौर क्षेत्र के अब्दुल कलाम चौक के पास भी बड़े पैमाने पर फलदार बागों को खत्म कर अवैध कॉलोनी विकसित किए जाने के आरोप सामने आए हैं।
स्थानीय लोगों और सूत्रों के अनुसार, मंगलौर में स्थित एक विशाल आम के बाग को रातों-रात साफ कर दिया गया और वहां बिना अनुमति के प्लॉटिंग का काम शुरू कर दिया गया है। यह पूरा क्षेत्र अब तेजी से कंक्रीट के ढांचे में तब्दील होता नजर आ रहा है।
पहले तेलपुरा में 140 बीघा जमीन पर आम के बागों को नष्ट कर दिया गया था, जिससे पर्यावरणीय नुकसान को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। अब उसी तरह की गतिविधियां मंगलौर में भी देखने को मिल रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
सूत्रों का यह भी दावा है कि इन गतिविधियों को कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते कार्रवाई के बावजूद अवैध निर्माण पर पूरी तरह रोक नहीं लग पा रही है।
स्थानीय प्रशासन और हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं कि बार-बार कार्रवाई के बावजूद भू-माफियाओं के हौसले क्यों बुलंद हैं।
पर्यावरणविदों का कहना है कि फलदार बागों की कटाई न केवल हरियाली के लिए नुकसानदायक है, बल्कि क्षेत्रीय पारिस्थितिकी और ऑक्सीजन संतुलन पर भी गंभीर असर डाल रही है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस पूरे मामले में सख्त कार्रवाई करेगा या फिर हरिद्वार की हरियाली इसी तरह अवैध कॉलोनियों के नीचे दबती रहेगी।












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