मदरसन कंपनी के कर्मचारियों द्वारा 15 सूत्रीय मांगों को लेकर किया गया दो दिवसीय धरना आखिरकार समाप्त हो गया है। कर्मचारी लगातार कंपनी गेट के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे और अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे थे।
प्रशासन की पहल से बनी सहमति
लगातार दो दिनों तक कंपनी प्रबंधन के वार्ता से दूर रहने के बाद, आज समय आयुक्त और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया। अधिकारियों की मौजूदगी में कंपनी प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच बातचीत कराई गई।
वार्ता के बाद 15 में से 12 मांगों पर सहमति बन गई, जिसके बाद कर्मचारियों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया।
मुख्य मांग 20,000 रुपये वेतन पर अभी फैसला नहीं
कर्मचारियों की सबसे प्रमुख मांग 20,000 रुपये मासिक वेतन वृद्धि को लेकर थी, जिस पर फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। कंपनी प्रबंधन की ओर से केवल इतना आश्वासन दिया गया है कि इस विषय पर अगले दो महीनों में विचार किया जाएगा।
कर्मचारियों ने लगाए उत्पीड़न के आरोप
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि:
- कर्मचारियों से 8 घंटे की बजाय 9 घंटे तक काम लिया जाता है
- पूरी शिफ्ट में खड़े होकर काम करने को मजबूर किया जाता है
- बैठने की सुविधा नहीं दी जाती
- शिकायत करने पर दबाव बनाया जाता है
- धरने के दौरान नौकरी से निकालने की धमकी दी गई
धरना समाप्त, लेकिन असंतोष बरकरार
हालांकि कर्मचारियों ने धरना समाप्त कर दिया है और काम पर लौट आए हैं, लेकिन वेतन वृद्धि और अन्य प्रमुख मांगों पर निर्णय न होने से असंतोष अभी भी बना हुआ है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि कंपनी प्रबंधन अपने आश्वासनों को कब तक पूरा करता है।














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