ऊखीमठ जल संस्थान कार्यालय का औचक निरीक्षण, शिकायत निस्तारण में देरी पर भड़के उपजिलाधिकारी

जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा के निर्देशों के अनुपालन में उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत ने बुधवार सुबह जल संस्थान इकाई कार्यालय ऊखीमठ का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालयीय व्यवस्थाओं, अभिलेखों के रखरखाव और जन शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।

निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका की जांच की गई, जबकि कार्मिकों की भ्रमण पंजिका और लोक शिकायत पंजिका का नियमित रखरखाव नहीं पाए जाने पर उपजिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। इस संबंध में प्रभारी सहायक अभियंता वीरेंद्र भंडारी को निर्देश दिए गए कि सभी पंजिकाओं को तत्काल अद्यतन किया जाए और एक सप्ताह के भीतर अनुपालन आख्या प्रस्तुत की जाए।

उपजिलाधिकारी ने कहा कि ऊखीमठ क्षेत्र में पेयजल समस्याओं और शिकायतों के समयबद्ध समाधान को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने शिकायतों के निस्तारण में शिथिलता और अनावश्यक देरी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को जन समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कार्यालय में दर्ज शिकायतों के संबंध में शिकायतकर्ताओं से दूरभाष के माध्यम से फीडबैक भी लिया गया। फीडबैक में शिकायतों के समाधान को लेकर संतोषजनक स्थिति नहीं पाए जाने पर उपजिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए गुणवत्तापूर्ण और त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने पेयजल कनेक्शन से जुड़े मामलों और जलापूर्ति संबंधी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के निर्देश देते हुए कहा कि आमजन को पेयजल संकट से किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

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