रुद्रप्रयाग: जिले में बच्चों को डायरिया से सुरक्षित रखने और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से 1 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक ‘स्टॉप डायरिया अभियान’ चलाया जाएगा। अभियान की तैयारियों को लेकर बुधवार को जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने एनआईसी सभागार में स्वास्थ्य, शिक्षा, बाल विकास, जल संस्थान, पंचायतीराज और नगर पालिका सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और सभी विभागों को समयबद्ध तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने पेयजल आपूर्ति से जुड़े विभागों को जनपद के सभी सार्वजनिक पेयजल टैंकों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने और इसकी दैनिक रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं शिक्षा विभाग को स्कूलों में प्रतिदिन हैंडवॉश प्रैक्टिस, स्वच्छता और डायरिया से बचाव संबंधी जागरूकता गतिविधियां संचालित करने को कहा गया। साथ ही बाल विकास विभाग को अभिभावकों को डायरिया की रोकथाम और समय पर उपचार के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चलाए जाने वाले इस अभियान के दौरान जिले की 127 चिकित्सा इकाइयों में जिंक-ओआरएस कॉर्नर स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को जिंक टैबलेट और ओआरएस पैकेट निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि डायरिया से पीड़ित बच्चों का समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान आशा और एएनएम कार्यकर्ता पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों वाले प्रत्येक घर का दौरा करेंगी। इस दौरान परिवारों को ओआरएस पैकेट वितरित किए जाएंगे, डायरिया के लक्षणों और बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी तथा ओआरएस घोल तैयार करने की सही विधि भी सिखाई जाएगी। यदि किसी बच्चे में डायरिया के लक्षण पाए जाते हैं तो उसे तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि अभियान के तहत बच्चों की माताओं को स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, हाथ धोने की आदत और स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए भी जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की टीमें स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर बच्चों को हैंडवॉश प्रैक्टिस के साथ डायरिया की रोकथाम और स्वच्छ जीवनशैली का प्रशिक्षण देंगी।
बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी अजय कुमार चौधरी, सहायक अभियंता रेवत सिंह रावत, बाल विकास परियोजना अधिकारी देवेश्वरी कुंवर, डीपीएम एनएचएम हिमांशु नौडियाल, हरेंद्र सिंह नेगी, विपिन सेमवाल, यशवंत राणा, मनमोहन रौतेला, सुमन जुगराण, हेमलता गैरोला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
















Leave a Reply