पीएम मोदी ने दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का किया लोकार्पण, बोले ‘विकसित भारत के लिए प्रगति, प्रकृति और संस्कृति जरूरी’

देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित जसवंत सिंह आर्मी ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को 210 किलोमीटर लंबे दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने रिमोट बटन दबाकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत की, जो उत्तराखंड और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के बीच कनेक्टिविटी को नया आयाम देगी।

कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री ने गढ़ी कैंट तक लगभग 12 किलोमीटर लंबा रोड शो किया और रास्ते में स्थित डाटकाली मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।

प्रगति, प्रकृति और संस्कृति का संतुलन

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देशवासियों को बैसाखी और बिहू की शुभकामनाएं दीं और कहा कि उत्तराखंड में जल्द ही चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है। उन्होंने बताया कि इस नए कॉरिडोर से श्रद्धालुओं की यात्रा और अधिक सुगम और तेज हो जाएगी।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “विकसित भारत के लिए प्रगति, प्रकृति और संस्कृति की त्रिवेणी जरूरी है।” इसी सोच के साथ इस परियोजना में पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा गया है, जिसमें 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर भी शामिल है, ताकि वन्यजीवों की आवाजाही प्रभावित न हो।

सड़कें बनेंगी देश की ‘भाग्य रेखा’

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के दौर में सड़कें, रेलवे, रोपवे और वाटरवे देश के विकास की आधारशिला बन चुके हैं। उन्होंने इसे “राष्ट्र की भाग्य रेखाएं” बताते हुए कहा कि सरकार बीते एक दशक से आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर लगातार निवेश कर रही है।

उन्होंने बताया कि 2014 के मुकाबले आज इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च कई गुना बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। वहीं, उत्तराखंड में ही सवा दो लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है।

स्पीड और स्केल पर काम कर रहा नया भारत

प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी का भारत तेज गति और बड़े स्तर पर विकास कर रहा है। दिल्ली मेट्रो विस्तार, मेरठ तक कनेक्टिविटी, नोएडा एयरपोर्ट और अब यह कॉरिडोर—ये सभी उदाहरण देश की प्रगति को दर्शाते हैं।

उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर से यात्रा समय कम होगा, ईंधन की बचत होगी और किसानों को अपने उत्पाद तेजी से बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड में बढ़ते पर्यटन का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य अब ‘बारामासी पर्यटन’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है। विंटर टूरिज्म और धार्मिक यात्राओं में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

स्वच्छता और सांस्कृतिक विरासत पर जोर

प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड को ‘देवभूमि’ बताते हुए लोगों और पर्यटकों से स्वच्छता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि तीर्थ स्थलों पर कचरा फैलाना इस पवित्रता को नुकसान पहुंचाता है।

साथ ही उन्होंने आगामी हरिद्वार कुंभ और नंदा देवी राजजात यात्रा का जिक्र करते हुए इसे राज्य की सांस्कृतिक पहचान बताया।

महिलाओं को मिलेगा राजनीतिक प्रतिनिधित्व

प्रधानमंत्री ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का जिक्र करते हुए कहा कि अब लोकसभा और विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण का रास्ता साफ हो गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 2029 के चुनावों तक इसे पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा।

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