रुद्रप्रयाग: जन्मजात अथवा बचपन से टाइप-1 मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित बच्चों और युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। स्वास्थ्य विभाग ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अगस्त्यमुनि में विशेष “गुबारा” क्लीनिक की शुरुआत कर दी है। इस क्लीनिक के माध्यम से टाइप-1 मधुमेह रोगियों को निःशुल्क उपचार, नियमित जांच और आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश के निर्देशन में बुधवार को सीएचसी अगस्त्यमुनि में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अक्षित ममगाईं ने गुबारा क्लीनिक का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि यह क्लीनिक विशेष रूप से उन बच्चों और युवाओं के लिए शुरू किया गया है जो टाइप-1 मधुमेह से ग्रसित हैं और जिन्हें नियमित देखभाल एवं निरंतर मॉनीटरिंग की आवश्यकता होती है।
डॉ. ममगाईं ने कहा कि क्लीनिक में मरीजों को नियमित इंसुलिन मॉनीटरिंग, इंसुलिन की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के साथ-साथ मधुमेह की जांच और मॉनीटरिंग किट भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा गैर संचारी रोग एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत मरीजों की समय-समय पर स्वास्थ्य जांच भी की जाएगी, जिससे बीमारी को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सके।
उन्होंने बताया कि इससे पहले नवंबर 2025 में जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग में गुबारा क्लीनिक की शुरुआत की गई थी। तब जिले की विभिन्न स्वास्थ्य इकाइयों से टाइप-1 मधुमेह रोगियों को जिला चिकित्सालय स्थित गुबारा क्लीनिक में पंजीकरण के लिए भेजा जाता था। अब अगस्त्यमुनि में क्लीनिक शुरू होने से स्थानीय मरीजों और उनके परिजनों को जिला मुख्यालय तक नहीं आना पड़ेगा, जिससे समय और आर्थिक खर्च दोनों की बचत होगी।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस पहल से टाइप-1 मधुमेह से जूझ रहे बच्चों और युवाओं को समय पर उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। कार्यक्रम में डब्ल्यू.जे. क्लिंटन फाउंडेशन के शोएब जहीदी, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमा असवाल, डॉ. प्रियांशू, सीपीएचसी कोऑर्डिनेटर विजय रावत, बीएलए बलवंत बजवाल, आशुतोष बर्तवाल, राहुल सहित कई स्वास्थ्यकर्मी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
















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