मासिक पंचायत में पहुंचे मुख्य कृषि अधिकारी, किसानों से की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अपनाने की अपील

जसपुर की कृषि उपज मंडी समिति परिसर में आयोजित भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की मासिक पंचायत में किसानों की समस्याओं और सरकारी योजनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। पंचायत में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मुख्य कृषि अधिकारी वी.के. यादव ने किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक किसानों से योजना का लाभ लेने की अपील की।

मुख्य कृषि अधिकारी ने बताया कि उत्तराखंड मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है, जिससे सूखे जैसी स्थिति बन सकती है। ऐसे में किसानों को फसल नुकसान से आर्थिक सुरक्षा देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि समय रहते बीमा कराने से प्राकृतिक आपदाओं के दौरान किसानों को राहत मिल सकती है।

किसानों ने उठाए फसल बीमा योजना पर सवाल

पंचायत में मौजूद किसानों और भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने फसल बीमा योजना के वर्तमान स्वरूप पर असहमति जताई। किसानों का कहना था कि फसल बीमा न्याय पंचायत, ब्लॉक या गांव इकाई के आधार पर नहीं बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर होना चाहिए।

किसानों ने तर्क दिया कि जिस तरह वाहन और व्यक्तिगत बीमा किया जाता है, उसी प्रकार फसल का भी व्यक्तिगत बीमा होना चाहिए। उनका कहना था कि इससे वास्तविक नुकसान उठाने वाले किसान को सीधे लाभ मिलेगा। किसानों ने यह भी कहा कि यह योजना फसल के लिए है, जमीन के लिए नहीं, इसलिए व्यक्तिगत मूल्यांकन अधिक प्रभावी रहेगा।

बीमा कंपनियों पर लगाया परेशान करने का आरोप

बैठक के दौरान किसानों ने बीमा कंपनियों पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि नुकसान होने के बाद कई बार बीमा कंपनियां दावों के निस्तारण में अनावश्यक देरी करती हैं और किसानों को परेशान किया जाता है।

इस पर मुख्य कृषि अधिकारी वी.के. यादव ने भरोसा दिलाया कि जिले में बीमा संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए जिला स्तरीय शिकायत निवारण समिति गठित की गई है, जिसकी अध्यक्षता स्वयं जिलाधिकारी करते हैं। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर संबंधित बीमा कंपनी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

यूरिया के साथ अन्य उत्पाद बेचने की शिकायत

किसानों ने पंचायत में यह मुद्दा भी उठाया कि कुछ खाद विक्रेता यूरिया खाद के साथ अन्य उत्पाद जबरन खरीदने का दबाव बनाते हैं। इस पर मुख्य कृषि अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि ऐसी शिकायत मिलने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

उन्होंने बताया कि जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर पर निगरानी टीमें गठित की गई हैं। तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में टीम काम कर रही है। यदि कोई किसान लिखित शिकायत करता है तो दोषी दुकानदार का लाइसेंस तक निरस्त किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी कई दुकानदारों के लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं।

नहरों की सफाई का मुद्दा भी उठा

पंचायत में किसानों ने सिंचाई विभाग द्वारा नहरों की समय पर सफाई नहीं किए जाने की शिकायत भी रखी। किसानों का कहना था कि नहरों की सफाई नहीं होने से सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होती है, जिससे खेती पर प्रतिकूल असर पड़ता है।

मुख्य कृषि अधिकारी ने कहा कि यदि इस संबंध में लिखित शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित विभागीय अधिकारियों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

किसानों की समस्याओं पर कार्रवाई का भरोसा

मासिक पंचायत के दौरान किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। मुख्य कृषि अधिकारी ने आश्वासन दिया कि किसानों के हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है और सभी शिकायतों पर निष्पक्ष एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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