ऊधम सिंह नगर के खटीमा तहसील क्षेत्र के ग्राम सैजना-पटपुरा में खेत की पानी निकासी को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि पानी निकासी का रास्ता बंद किए जाने से खेत में भारी जलभराव हो गया है, जिससे धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। मामले को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
शिकायतकर्ता ने उपजिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि वर्षों से उनके खेत का पानी एक निर्धारित मार्ग से बाहर निकलता रहा है। आरोप है कि पड़ोसी वीरेंद्र सिंह ने निकासी पाइप में मिट्टी डालकर उसे बंद कर दिया। इसके बाद खेत में करीब चार से पांच फीट तक पानी भर गया, जिससे धान की फसल प्रभावित हो गई।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो फसल को और अधिक नुकसान हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से निकासी मार्ग को तत्काल बहाल कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
वहीं, दूसरी ओर प्रतिवादी पक्ष ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार प्रतिवादी का कहना है कि शिकायतकर्ता उनकी भूमि पर जबरन नाला बनाने का प्रयास कर रहा है और लगाए गए सभी आरोप तथ्यहीन हैं।
मामले पर प्रशासन का कहना है कि ग्रामीणों का ज्ञापन प्राप्त हो गया है। प्रशासनिक अधिकारी गीता गौतम ने बताया कि शिकायत को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, खेत की पानी निकासी को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं और अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच तथा आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
















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