मसूरी में रेहड़ी-पटरी कमजोर वर्ग कल्याण समिति ने प्रशासन के खिलाफ अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। शहीद स्थल झूला घर पर ‘बुद्धि शुद्धि यज्ञ’ का आयोजन कर शासन-प्रशासन और नगर पालिका परिषद मसूरी के निर्णयों पर नाराजगी जताई गई।
इस यज्ञ में विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। पुरुषों और महिलाओं ने हवन में आहुति देकर पटरी व्यापारियों को दोबारा रोजगार देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उपेंद्र थापली ने कहा कि पिछले 9 महीनों से माल रोड पर पटरी लगाने वाले व्यापारी बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं, लेकिन प्रशासन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई अंतिम दम तक लड़ी जाएगी।
पटरी व्यापारी संजय टम्टा ने बताया कि पर्यटन सीजन शुरू होने वाला है, लेकिन व्यापार बंद होने से उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
उत्तराखंड क्रांति दल की नेत्री प्रमिला रावत ने सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि राज्य गठन के 25 वर्षों बाद भी गरीब और मजदूर वर्ग की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली मातृशक्ति आज अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने को मजबूर है।
इस विरोध प्रदर्शन के जरिए पटरी व्यापारियों ने सरकार और प्रशासन से जल्द सकारात्मक कदम उठाने की मांग की है।












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