सीमांत क्षेत्र खटीमा में एक बुजुर्ग समाजसेवी का आंदोलन अब उग्र रूप लेता नजर आ रहा है। भ्रष्टाचार और भू-माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाने वाले ओमप्रकाश वैश्य पिछले 15 दिनों से तहसील परिसर में धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन की अनदेखी से नाराज होकर उन्होंने अब आमरण अनशन करने की चेतावनी दे दी है।
उपजिलाधिकारी कार्यालय के बाहर जारी इस क्रमिक अनशन के दौरान ओमप्रकाश वैश्य लगातार अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। उनका कहना है कि उनकी लड़ाई केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि क्षेत्र में फैले अवैध कब्जों और भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ है।
उन्होंने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर 19 अप्रैल तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तो वे भूख हड़ताल शुरू कर देंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
मांगों का सार
- पुराना जमीन विवाद सुलझाने की मांग: पीलीभीत रोड स्थित जमीन, जो वर्षों पहले नीलाम हुई थी, उस पर अब तक कब्जा नहीं दिलाया गया।
- सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त करना: खेतलसंडा खाम क्षेत्र में अवैध निर्माण हटाने की मांग।
- भू-माफियाओं पर कार्रवाई: अवैध खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों और प्रभावशाली व्यक्तियों की जांच कर सख्त कदम उठाने की मांग।
प्रशासन पर उठे सवाल
लगातार 15 दिनों से धरना जारी रहने के बावजूद प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों में भी इस मुद्दे को लेकर असंतोष बढ़ता दिख रहा है।
निर्णायक दिन नजदीक
19 अप्रैल अब इस आंदोलन के लिए निर्णायक तारीख बन गई है। यदि तब तक समाधान नहीं निकला, तो यह आंदोलन और गंभीर रूप ले सकता है।















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