राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय गैण्डखाल में सामने आए विवाद के बाद स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य विभाग को 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार, नियमित ड्यूटी और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
चार सदस्यीय जांच टीम ने अस्पताल का निरीक्षण कर स्थानीय लोगों से बातचीत की। इस दौरान ग्रामीणों ने डॉक्टर और फार्मासिस्ट के स्थानांतरण की मांग भी दोहराई।
जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. शैलेंद्र पांडे ने कहा कि जांच रिपोर्ट तीन दिन में प्राप्त होने के बाद विभाग नियमानुसार कार्रवाई करेगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तो व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
















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