टनकपुर: उत्तराखंड से होकर संचालित होने वाली पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ हो गया है। शनिवार शाम 51 सदस्यीय पहला दल टनकपुर स्थित पर्यटक आवास गृह (टीआरसी) पहुंचा, जहां उत्तराखंड की समृद्ध परंपरा के अनुरूप छोलिया नृत्य, पुष्पवर्षा, फूल-मालाओं और पारंपरिक स्वागत के साथ श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया गया।
पहले दल में एक चिकित्सक सहित कुल 51 यात्री शामिल हैं। इनमें 36 पुरुष और 15 महिला श्रद्धालु हैं। तीर्थयात्रियों के स्वागत के अवसर पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया गया, जिसमें उत्तराखंड की लोक संस्कृति और लोक कलाओं की मनमोहक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
इस दल में आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के श्रद्धालु शामिल हैं। विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु देश की सांस्कृतिक विविधता और भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक बने हैं।
कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) के प्रबंध निदेशक विनीत तोमर ने बताया कि तमिलनाडु के डॉ. अरुण कुमार इस दल के साथ चिकित्सक के रूप में शामिल हैं। राजस्थान के 68 वर्षीय पुरुषोत्तम खंडेलवाल सबसे वरिष्ठ तीर्थयात्री हैं, जबकि गुजरात के 21 वर्षीय हरिकृष्णा सबसे युवा श्रद्धालु हैं।
रविवार सुबह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शारदा पर्यटक आवास गृह, टनकपुर में पूजा-अर्चना के बाद पहले दल को हरी झंडी दिखाकर कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना करेंगे।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से लगातार दूसरे वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा टनकपुर मार्ग से संचालित हो रही है। इससे चम्पावत जिले में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने के साथ-साथ स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग, परिवहन और रोजगार के अवसरों में भी बढ़ोतरी हो रही है। “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष के बीच टनकपुर पूरी तरह शिवमय नजर आया।














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