उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य शासन और प्रशासन को आम जनता के और अधिक करीब लाना है। सरकार चाहती है कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि सरकारी सेवाएं स्वयं उनके घर-द्वार तक पहुंचें। मुख्यमंत्री शनिवार को सहसपुर स्थित श्री गुरु रामराय पब्लिक स्कूल में आयोजित ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ कार्यक्रम के अंतर्गत ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ जनसेवा शिविर को संबोधित कर रहे थे।
1,000 से अधिक लोगों ने कराया पंजीकरण
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में आयोजित जनसेवा शिविर में 1,000 से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया। शिविर में पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत प्रमाण-पत्र और अन्य सहायता वितरित की गई। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर लोगों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ कई सेवाएं मौके पर ही उपलब्ध कराई गईं।
‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान से बढ़ा भरोसा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और सुशासन का अर्थ संवेदनशील, जवाबदेह तथा जनकेंद्रित प्रशासन है। उन्होंने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान ने शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत किया है और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने बताया कि अभियान के पहले चरण में प्रदेशभर में 65 दिनों के दौरान करीब 700 जनसेवा शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 5 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। केवल देहरादून जिले में 46 शिविरों के माध्यम से 60 हजार से अधिक नागरिकों ने सहभागिता की और लगभग 39 हजार लोगों को मौके पर ही विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला।
सेवा पखवाड़े में अब तक 64 हजार से अधिक लोग हुए लाभान्वित
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ के पांच वर्ष पूरे होने पर चल रहे सेवा पखवाड़े के तहत पूरे प्रदेश में जनसेवा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। 4 जुलाई से शुरू हुए इस अभियान में अब तक 64 हजार से अधिक नागरिक शामिल हो चुके हैं।
उन्होंने बताया कि अब तक 5,567 जनसमस्याएं प्राप्त हुईं, जिनमें से 4,951 का समाधान किया जा चुका है। वहीं 2,522 नागरिकों को विभिन्न प्रमाण-पत्रों और सरकारी सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की गई है।
प्रधानमंत्री मोदी के विजन का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा” का विजन तेजी से साकार हो रहा है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पर्यटन, उद्योग, निवेश और हवाई संपर्क जैसे क्षेत्रों में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पहली बार जी-20 बैठकों, राष्ट्रीय खेलों, शीतकालीन यात्रा और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसे बड़े आयोजनों का सफल आयोजन हुआ। साथ ही समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने, देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू करने और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने जैसे महत्वपूर्ण फैसले भी सरकार ने लिए हैं।
सहसपुर में विकास कार्यों को बताया प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहसपुर विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क, सिंचाई, कृषि और बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कई विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। सरकार ‘विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड’ के संकल्प को पूरा करने के लिए लगातार काम कर रही है।
जन शिकायतों पर मौके पर ही दिए समाधान के निर्देश
जनसेवा शिविर के दौरान मुख्यमंत्री ने कई नागरिकों की समस्याएं स्वयं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्य घोषणाएं और निर्देश:
- कारबारी ग्रांट में दो माह के भीतर 30 सोलर लाइट लगाने के निर्देश।
- स्थानीय महिला बबली गुप्ता को जूट बैग निर्माण के लिए तुरंत सिलाई मशीन उपलब्ध कराने का आदेश।
- सेलाकुई नगर पंचायत में सड़क, नाली, जल निकासी और इंटरलॉकिंग मार्ग निर्माण के लिए शहरी विकास विभाग को कार्रवाई के निर्देश।
- गोकुल फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश।
- भाऊवाला पुल के पास दो माह के भीतर श्मशान घाट निर्माण के निर्देश।
- अटक फार्म और सेंट्रल होपटाउन में लंबित बंदोबस्त संबंधी समस्या का 15 दिनों में समाधान करने के निर्देश।
- भगवानपुर-बहुगुणा मार्ग पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम से पार्क और ओपन जिम विकसित करने के निर्देश।
- बड़ोवाला गांव में डिस्पेंसरी और एंबुलेंस सुविधा एक माह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, विभिन्न जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।














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