नैनीताल के अयारपाटा वार्ड में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक अजगर का बच्चा रिहायशी क्षेत्र में दिखाई दिया। अचानक अजगर को देखकर स्थानीय लोग घबरा गए और इसकी सूचना तुरंत नगर पालिका सभासद एवं सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जगाती को दी गई। सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे और पूरी सावधानी के साथ अजगर के बच्चे को सुरक्षित पकड़ लिया।
मनोज जगाती ने बिना किसी घबराहट के स्थानीय लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने अजगर को किसी प्रकार की क्षति पहुंचाए बिना वन विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया। समय रहते किए गए इस रेस्क्यू से संभावित खतरे को टाल दिया गया और क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली।
स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि अयारपाटा क्षेत्र में अजगर दिखाई देने की यह पहली घटना है। उनका मानना है कि इससे पहले इस इलाके में इस तरह का वन्यजीव कभी नहीं देखा गया। घटना के बाद पूरे शहर में इसकी चर्चा होती रही और मौके पर लोगों की भीड़ भी जुट गई।
वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि अजगर का बच्चा संभवतः किसी वाहन के माध्यम से तराई क्षेत्र से नैनीताल पहुंचा होगा। क्षेत्र में कई होटल और रिसॉर्ट होने के कारण भारी संख्या में वाहन आते-जाते रहते हैं, जिससे इस संभावना को बल मिल रहा है।
फिलहाल अजगर को सुरक्षित वन विभाग के हवाले कर दिया गया है। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि यदि भविष्य में किसी भी वन्यजीव के दिखने की सूचना मिले तो स्वयं उसे पकड़ने का प्रयास न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग को सूचित करें।
















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