उत्तराखंड सरकार के “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत पिथौरागढ़ जिले के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तोली में जनसुनवाई शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं और मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं। कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
शिविर को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है और जनसुनवाई शिविर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की समस्याओं को सुनने के साथ-साथ उनका समाधान भी मौके पर ही सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है।
जनसुनवाई शिविर में 400 से अधिक ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टालों पर लोगों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं, जिनमें से 150 से अधिक मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। इससे ग्रामीणों को त्वरित राहत मिली और प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति उनका विश्वास भी मजबूत हुआ।
कार्यक्रम के दौरान पात्र दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र और सहायक छड़ियां वितरित की गईं। वहीं विभिन्न विभागों की ओर से पात्र लाभार्थियों को सरकारी सहायता राशि के चेक भी प्रदान किए गए। मंत्री ने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
ग्रामीणों ने जनसुनवाई के दौरान क्षेत्र की कई प्रमुख समस्याएं उठाईं। इनमें टूटी सड़कों और नालियों की मरम्मत, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए तारबाड़, पेयजल संकट, नए राशन कार्ड जारी करने तथा युवाओं के लिए खेल मैदान निर्माण जैसी मांगें प्रमुख रहीं। इन मुद्दों पर कैबिनेट मंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर जवाब तलब किया और जल्द समाधान के निर्देश दिए।
रेखा आर्या ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस शिविर में दर्ज शिकायतें आगामी जनसुनवाई कार्यक्रमों में दोबारा नहीं आनी चाहिए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाना है। सरकार अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। जनसुनवाई शिविर इसी सोच का हिस्सा है, जहां लोगों की समस्याओं का समाधान उनके गांव के निकट ही किया जा रहा है।
















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