रामनगर में वर्षों बाद दिखा दुर्लभ ‘दोमुंहा सांप’, वन विभाग ने सुरक्षित किया रेस्क्यू

रामनगर में वर्षों बाद एक बेहद दुर्लभ सांप मिलने से वन्यजीव प्रेमियों और प्रकृति संरक्षण से जुड़े लोगों में उत्साह है। रामनगर वन प्रभाग की रेस्क्यू टीम ने आबादी वाले क्षेत्र से कॉमन सैंड बोआ (Common Sand Boa) का सफल और सुरक्षित रेस्क्यू किया। आम बोलचाल में इस सांप को ‘दोमुंहा सांप’ कहा जाता है, लेकिन वन विशेषज्ञों का कहना है कि यह नाम केवल एक भ्रम है। वास्तव में यह पूरी तरह बिना ज़हर (Non-Venomous) वाला सांप है और इंसानों के लिए बिल्कुल भी खतरनाक नहीं होता।

वर्षों बाद दूसरी बार मिला दुर्लभ कॉमन सैंड बोआ

रामनगर वन प्रभाग के अनुसार, यह दुर्लभ प्रजाति कई वर्षों बाद क्षेत्र में दूसरी बार देखी गई है। वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने वन प्रभाग कार्यालय परिसर के पास स्थित एक आवासीय इलाके से इस सांप को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके मिलने से क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

क्यों कहा जाता है ‘दोमुंहा सांप’?

वन विभाग की रेस्क्यू टीम के सदस्य और सांपों के विशेषज्ञ आशीष कश्यप ने बताया कि कॉमन सैंड बोआ की पूंछ का हिस्सा सिर जैसा दिखाई देता है। जब कोई शिकारी इस पर हमला करता है तो यह आगे और पीछे दोनों दिशाओं में रेंगने जैसा भ्रम पैदा करता है। इससे शिकारी यह समझ नहीं पाता कि सांप का असली सिर किस ओर है। यही इसकी प्राकृतिक सुरक्षा प्रणाली है, जिसके कारण लोग इसे ‘दोमुंहा सांप’ कहने लगे।

जहरीला नहीं, लेकिन गलतफहमी का शिकार

आशीष कश्यप ने बताया कि कॉमन सैंड बोआ पूरी तरह नॉन-वेनमस प्रजाति है और इसमें किसी प्रकार का ज़हर नहीं होता। हालांकि इसकी त्वचा पर बने पैटर्न कुछ हद तक रसल वाइपर या बर्मीज़ अजगर जैसे दिखाई देते हैं। इसी वजह से कई लोग इसे जहरीला समझ लेते हैं और डर के कारण मार देते हैं। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सांप के दिखाई देने पर उसे नुकसान न पहुंचाएं और तुरंत वन विभाग या रेस्क्यू टीम को सूचना दें।

महिला के घर से किया गया सुरक्षित रेस्क्यू

वन विभाग के अनुसार, इस बार कॉमन सैंड बोआ वन प्रभाग कार्यालय परिसर के अंदर स्थित एक महिला के घर में दिखाई दिया था। सूचना मिलने के बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और बिना किसी नुकसान के सांप को सुरक्षित पकड़कर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की।

जैव विविधता के लिए शुभ संकेत

विशेषज्ञों का मानना है कि रामनगर क्षेत्र में कॉमन सैंड बोआ का दोबारा मिलना कॉर्बेट लैंडस्केप की समृद्ध जैव विविधता का सकारात्मक संकेत है। यह दुर्लभ प्रजाति पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है।

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