NEET परीक्षा में पेपर लीक और CBSE बोर्ड परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कथित अनियमितताओं के विरोध में शनिवार को देहरादून के गांधी पार्क में सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।
युवाओं में बढ़ रहा आक्रोश
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा गड़बड़ियों ने देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन घटनाओं से युवाओं के बीच निराशा और व्यवस्था के प्रति अविश्वास बढ़ा है।
NEET पर उठे गंभीर सवाल
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बीते चार वर्षों में NEET परीक्षा से जुड़े पेपर लीक के कई मामले सामने आए, लेकिन शिक्षा मंत्रालय द्वारा ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जब छात्र सड़कों पर उतरकर जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, तब केवल अधिकारियों के तबादले कर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
CBSE मूल्यांकन प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में
वक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि CBSE बोर्ड परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं, जिससे 12वीं कक्षा के लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उनका कहना था कि मूल्यांकन की जिम्मेदारी ऐसी कंपनियों को सौंपी गई, जिन पर पहले से ही अनियमितताओं के आरोप लग चुके थे।
जवाबदेही तय करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि शिक्षा मंत्री तत्काल इस्तीफा दें, जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित किया जाए और परीक्षा प्रक्रिया में शामिल दोषी कंपनियों एवं व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
सुधार के बिना नहीं लौटेगा विश्वास
वक्ताओं ने कहा कि जब तक जवाबदेही तय नहीं की जाती और दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक शिक्षा व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है और छात्रों का भरोसा बहाल नहीं हो पाएगा।
प्रदर्शन में शामिल लोग
इस विरोध प्रदर्शन में मोहित डिमरी, कमला पंत, निर्मला बिष्ट, सुजाता पॉल, तुषार, हरेंद्र कनेरी, सूरज नेगी, पंकज उनियाल, मुकेश बहुगुणा, ललित श्रीवास्तव, स्मृति नेगी, सर्वेश सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और युवा शामिल रहे।













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