रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड सरकार के ग्राम्य विकास, लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम तथा खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री भरत सिंह चौधरी की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला सभागार रुद्रप्रयाग में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित विकास कार्यों और चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने मंत्री का पौधा भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
लोक निर्माण विभाग ने राज्य योजना के अंतर्गत सड़क डामरीकरण, सेतु निर्माण और पुनर्निर्माण कार्यों की जानकारी दी। मंत्री ने त्रियुगीनारायण और कालीमठ मोटर मार्गों की स्थिति पर विशेष ध्यान देते हुए शीघ्र सुधार कार्य कराने और आवश्यक सड़कों को पीएमजीएसवाई के अंतर्गत लेने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।
जल निगम द्वारा जल जीवन मिशन के तहत चल रही पेयजल योजनाओं की समीक्षा करते हुए मंत्री ने रौठिया-जवाड़ी फेस-2 और तल्ला नागपुर फेस-2 जैसी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
सिंचाई विभाग को नगरासू, सारी और लस्तर नहर सहित अन्य परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूर्ण करने को कहा गया। वहीं कृषि विभाग को बांस उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि बांस रोपण से सड़कों के किनारे प्राकृतिक बैरियर तैयार करने के साथ स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ाए जा सकते हैं।
उद्यान विभाग को फलदार पौधों के रोपण के बाद उनकी सुरक्षा और देखरेख सुनिश्चित करने को कहा गया। शिक्षा विभाग की समीक्षा में विद्यालयों की मान्यता से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने और मेधावी छात्रों की सूची तैयार कर उन्हें टैबलेट वितरण की योजना को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग को सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। पशुपालन विभाग को बकरी पालन, भेड़ पालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए।
चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान परिवहन विभाग को संवेदनशील स्थानों पर पुलिस के साथ समन्वय बनाकर यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के निर्देश दिए गए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आगामी मानसून को देखते हुए मंत्री ने सभी विभागों को आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करने, राहत एवं बचाव संसाधनों को सक्रिय रखने और संभावित खतरों से निपटने के लिए सतर्क रहने को कहा।
मंत्री ने कहा कि अधिकांश योजनाओं की प्रगति संतोषजनक है, लेकिन सभी विभागों को और अधिक तेजी के साथ कार्य करते हुए समयबद्ध तरीके से योजनाओं को पूरा करना होगा।
बैठक में जनप्रतिनिधि, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।















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