उत्तराखंड सरकार ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय होम-स्टे योजना में कथित अनियमितताओं को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत देहरादून के जिला पर्यटन विकास अधिकारी बृजेन्द्र पांडेय को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई योजना के तहत अनुदान राशि के वितरण में अनियमितता से जुड़ी शिकायतों और प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है।
प्रदेश सरकार का कहना है कि जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या पारदर्शिता की कमी को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार के अनुसार, शिकायतों की जांच के बाद संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी तरीके से पहुंच सके।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय होम-स्टे योजना का उद्देश्य राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को होम-स्टे स्थापित करने के लिए अनुदान राशि प्रदान की जाती है। हालांकि, देहरादून जिले में अनुदान वितरण प्रक्रिया को लेकर कई शिकायतें सामने आने के बाद पर्यटन विभाग ने मामले की जांच शुरू की थी।
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पर्यटन विभाग ने जिला पर्यटन विकास अधिकारी बृजेन्द्र पांडेय को निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई के बाद विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों में सतर्कता बढ़ गई है। माना जा रहा है कि सरकार योजनाओं के क्रियान्वयन में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रख सकती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ पहुंचना चाहिए। ऐसे में सरकार की यह कार्रवाई प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब इस मामले की विस्तृत जांच जारी है और आगे जांच रिपोर्ट के आधार पर अतिरिक्त कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
















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