पंतनगर (उत्तराखंड): पंडित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में आयोजित दो दिवसीय पूर्व छात्र सम्मेलन का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan, मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami तथा कैबिनेट मंत्री Ganesh Joshi ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
यह कार्यक्रम “ब्रेन 3.0 (बूस्टिंग रिसर्च, एकेडमिक, इनोवेशन एंड नेटवर्किंग)” थीम पर आधारित रहा, जिसमें पूर्व छात्रों, वैज्ञानिकों और नीति-निर्माताओं ने भाग लिया।
पंतनगर विश्वविद्यालय: हरित क्रांति की ऐतिहासिक धरोहर
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि वे हरित क्रांति की पावन भूमि पंतनगर आकर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय भारतीय कृषि का गौरवशाली केंद्र रहा है, जिसने देश को वैज्ञानिक, प्रशासनिक अधिकारी, कृषि उद्यमी और नीति-निर्माता दिए हैं।
उन्होंने कहा कि भारत आज लगभग 377 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन कर रहा है और कृषि क्षेत्र में लगातार नए रिकॉर्ड स्थापित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत अब चावल उत्पादन में विश्व में अग्रणी स्थान पर पहुंच चुका है और भारतीय कृषि उत्पादों की वैश्विक मांग लगातार बढ़ रही है।
जलवायु परिवर्तन और कृषि चुनौतियों पर जोर
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि भारतीय कृषि को अब जलवायु परिवर्तन, गिरता भूजल स्तर, मिट्टी की गुणवत्ता में गिरावट और बदलते मौसम जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं का समाधान केवल वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी विकास से ही संभव है।
उन्होंने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय ने हमेशा कृषि अनुसंधान और नवाचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और आने वाले समय में भी यह भूमिका और मजबूत होगी।
“पंतनगर से सीखने आया हूँ” – शिवराज सिंह चौहान
शिवराज सिंह चौहान ने विद्यार्थियों और विशेषज्ञों से संवाद को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वे पंतनगर सिखाने नहीं, बल्कि सीखने आए हैं। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय केवल डिग्रियां नहीं देता, बल्कि देश को नेतृत्वकर्ता, वैज्ञानिक और उद्यमी भी देता है।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए अपील की कि हर व्यक्ति को समय-समय पर पौधारोपण करना चाहिए और जन्मदिन पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए।
मुख्यमंत्री धामी का संबोधन: नवाचार और पूर्व छात्रों की भूमिका पर जोर
मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि भारत की हरित क्रांति का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने पूर्व छात्रों को राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि पूर्व छात्रों को मेंटरशिप, स्टार्टअप, नवाचार और अनुसंधान के माध्यम से युवाओं का मार्गदर्शन करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का युवा रोजगार लेने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला और नवाचार का नेतृत्व करने वाला बन रहा है।
आधुनिक तकनीक और कृषि भविष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय एआई, ड्रोन टेक्नोलॉजी, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल एग्रीकल्चर का युग है। उत्तराखंड की पर्वतीय कृषि कई चुनौतियों का सामना कर रही है, जिनका समाधान केवल सामूहिक प्रयास, नवाचार और वैज्ञानिक सोच से संभव है।
उन्होंने कृषि आधारित स्टार्टअप, जैविक खेती, खाद्य प्रसंस्करण और डिजिटल मार्केटिंग को भविष्य के बड़े अवसर बताया।
कृषि विश्वविद्यालय की भूमिका और भविष्य की दिशा
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि पंतनगर विश्वविद्यालय ने देश को ऐसे विशेषज्ञ दिए हैं जिन्होंने कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है। पूर्व छात्रों को इस विरासत को आगे बढ़ाने की अपील की गई।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने पंतनगर विश्वविद्यालय को हेरिटेज संस्थान घोषित करने का आग्रह भी किया।
कार्यक्रम की प्रमुख गतिविधियाँ
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में:
- संग्रहालय का निरीक्षण किया
- स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल देखे
- विद्यार्थियों से संवाद किया
- धान की रोपाई में भाग लिया
- पौधारोपण किया














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